बेनीवाल और तिवारी का यह कौन सा गठबंधन 22 सीटों पर एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार

बेनीवाल और तिवारी का यह कौन सा गठबंधन 22 सीटों पर एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार

Hanuman Beniwal and Ghanshyam Tiwadi Coalition

जयपुर। Rajasthan assembly election 2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को पटखनी देने के लिए जयपुर की किसान हुंकार महारैली में हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवाड़ी ने हाथ मिलाया. जयपुर की रैली में हनुमान बेनीवाल ने अपनी पार्टी की घोषणा की और इन दोनों नेताओं ने साथ में मिलकर चुनाव लड़ने का दावा किया था. लेकिन इन दोनों के दावे खोखले निकले. और दोनों ने चुनाव में 22 विधानसभा सीटों पर अपने कैंडिडेट सामने उतारे हैं.

हनुमान बेनीवाल ने अपनी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ( Rashtriya Loktantrik Party) के 68 उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में उतारे थे. लेकिन नामांकन पत्रों की जांच होने के बाद अब बेनीवाल के पार्टी रालोपा के 58 उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रहे हैं. वही घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी (Bharat Vahini Party) के 75 उम्मीदवार मैदान में है. लेकिन इन दोनों नेताओं ने एक दूसरे के सामने ही 22 उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं. इन उम्मीदवारों का अब पीछे हटने का मौका भी खत्म हो चुका है.

विधायक हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवाड़ी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मैदान में उतरने की बात कर रहे थे. लेकिन अब यह दोनों नेता आमने सामने चुनाव लड़ रहे हैं. बताने जा रहे हैं उन विधानसभाओं का नाम जहां पर धनश्याम तिवारी और हनुमान बेनीवाल के उम्मीदवार आमने सामने मैदान में है.

आदर्शनगर से घनश्याम तिवाड़ी के पार्टी के उम्मीदवार इंद्र कुमार चोपड़ा और हनुमान बेनीवाल की पार्टी से अहसान अंसारी आमने सामने ताल ठोक रहे हैं. आसींद से घनश्याम तिवाड़ी के उम्मीदवार जगदीश शर्मा और हनुमान बेनीवाल की पार्टी से उम्मीदवार मनसुख सिंह गुर्जर आमने सामने है। करौली से घनश्याम तिवाड़ी के उम्मीदवार प्रेम सिंह मीणा और हनुमान बेनीवाल की पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप पाल सिंह जादौन आमने सामने मैदान में है। खाजूवाला से घनश्याम तिवाड़ी की पार्टी से मांगीलाल नायक और हनुमान बेनीवाल की पार्टी से मिट्ठू सिंह नायक, खेतड़ी से घनश्याम तिवाड़ी का उम्मीदवार ताराचंद कुमावत और हनुमान बेनीवाल की पार्टी से उम्मीदवार अमर सिंह गुर्जर, चोमू से घनश्याम तिवाड़ी के उम्मीदवार मदन टोडावता और हनुमान बेनीवाल की पार्टी से छुटून यादव, जमवारामगढ़ से भारत वाहिनी पार्टी से मदन लाल धानका और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से लीलाधर मीणा, डूंगरपुर से भारत वाहिनी से किसनाराम नाई और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से दानाराम घीटाला, दातारामगढ़ से भारत वाहिनी से महावीर कुमावत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से मुकेश कुमार, निंबाहेड़ा से भारत वाहिनी के कुंवर ईश्वर सिंह और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मेघराज जाट, पचपदरा से भारत वाहिनी के नाथूराम गोडसे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नारायण राम चौधरी, फुलेरा से भारत वाहिनी के सुरेश प्रजापत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से स्पर्धा चौधरी, बगरू से भारत वाहिनी पार्टी के मुकेश कुमार महरडा़ और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के दिनेशराय भाटी, बरसी से भारत वाहिनी पार्टी के शीला मीणा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राजेंद्र कुमार मीणा, बानसूर से भारत वाहिनी पार्टी के कुलदीप शर्मा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मीराबाई, मेड़ता से भारत वाहिनी पार्टी के राजूराम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से इंदिरा देवी बावरी, रतनगढ़ से भारत वाहिनी पार्टी के शमशेर सिंह राठौड़ और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पवित्रा देवी, राजसमंद से भारत वाहिनी पार्टी के मुकेश कुमार कुमावत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पंकज कुमार व्यास, विराट नगर से भारत वाहिनी पार्टी के विक्रम सिंह यादव और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सनिलता खटाना, सरदारशहर से भारत वाहिनी पार्टी के शिवदयाल पारीक और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बलदेव सहारण आमने सामने ताल ठोक रहे हैं।

हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवाड़ी दोनों गठबंधन की बात करके भाजपा और कांग्रेस को जड़ से उखाड़ के फेंक कर तथा राजस्थान में तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने का दावा करने वाले दोनों नेता अब आमने सामने अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दोनों नेताओं ने मिलकर 100 100 उम्मीदवार राजस्थान के अंदर नहीं उतर पाए हैं सारे दावे किए गए खोखले होते हुए नजर आ रहे हैं। और दोनों के गठबंधन का क्या हो गया कोई समझ नहीं पा रहा है। क्योंकि जब दोनों नेता आमने-सामने अपने उम्मीदवार उतार रहे हैं तो गठबंधन तो नहीं हो सकता है। अब यह राजनीति कैसे काम करेगी यह तो 7 दिसंबर को मतदान और 11 दिसंबर को मतगणना के बाद ही पता चलेगा।

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